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सोन घड़ियाल अभ्यारण्य

श्रेणी प्राकृतिक / मनोहर सौंदर्य

सोन घड़ियाल अभयारण्य प्रोजेक्ट क्रोकोडाइल के अंतर्गत घड़ियाल संरक्षण व जनसंख्या वृद्धि हेतु स्थापित किया गया। सोन नदी का 161 किमी, 23 किमी बनास नदी व 26 किमी गोपद नदी का क्षेत्र मिलाकर कुल 210 किमी क्षेत्र को 1981में अभयारण्य के रूप में घोषित किया गया।
रेतीले पर्यावास (जैसे रेतीले तट, नदी द्वीप आदि) अनेक संकटग्रस्त जीवों जैसे घड़ियाल, भारतीय नर्म खोल कछुए(Chitra indica), भारतीय स्किमर( Rynchops albicollis) आदि हेतु प्रमुख आश्रय स्थान हैं। अभयारण्य में दर्ज लगभग 101 पक्षियों की प्रजातियां इसे जलीय व पक्षी जैव विविधता से भरपूर बनाती हैं।

कैसे पहुंचें:

बाय एयर

समीपस्थ हवाईतल- बम्हरौली, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश (157 km)

ट्रेन द्वारा

• मड़वासग्राम (MWJ), मझौली, सीधी (40 KM ) • रीवा (REWA) (87KM) • सतना(STA) (142KM)

सड़क के द्वारा

सीधी राष्ट्रीय राजमार्ग 39 व अन्य मार्गों से समुचित रूप से जुड़ा हुआ है ।